आयुष विभाग के फार्मासिस्ट ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
सुसाइड नोट में घरेलू परेशानी को बताया कारण
दैनिक बालोद न्यूज/डोंगरगांव।स्थानीय आयुष स्पेशालाइज्ड थेरेपी सेन्टर में कार्यरत फार्मासिस्ट गेफराम सिन्हा ने बीती रात्रि अपने निवास स्थान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि उसने मौत को गले लगाने से पूर्व सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें संभवत: मानसिक रूप से परेशानी का जिक्र किया गया है।
जानकारी के अनुसार श्री सिन्हा अपने विभाग में काफी मिलनसार और सहयोगी प्रवृत्ति के माने जाते थे, लेकिन उसने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। जानकारी के अनुसार वह बजरंगपुर राजनांदगांव में परिवार सहित रहते थे। बीती रात्रि उसने अपने ही कमरे के पंखे में गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब परिवारजनों को पंखा बंद होने का अंदेशा हुआ, तो पत्नि उठकर देखी तो वह अपने पति को पंखा से झूलता देखकर बदहवास हो गई और आवाज देकर बच्चों को उठाया। जिसके बाद पड़ोसियों को जगाया गया। पड़ोसियों ने परिवारजनों की सहायता से फांसी के फंदे से शव को उतारकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने मृत होने की पुष्टि की।
उनका अंतिम संस्कार आज मोतीपुर राजनांदगांव मुक्तिधाम में किया गया। श्री सिन्हा अपने पीछे पत्नि, दो पुत्री तथा एक पुत्र का भरापूरा परिवार छोड़ गये। पुलिस ने आत्महत्या का प्रकरण दर्ज करते हुए सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है।