आदिवासी समाज ने शिक्षा पर दिया जोर, विश्व आदिवासी दिवस मनाकर बोले बच्चों को खूब पढ़ाएंगे, उनका भविष्य संवारेंगे
बालोद। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आज श्री बड़ा देव शक्तिपीठ गंजपारा बालोद में अनुसूचित जनजाति शासकीय अधिकारी कर्मचारी विकास संघ के तत्वाधान में सर्व आदिवासी समाज के द्वारा एक संक्षिप्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें सामाजिक पदाधिकारियों के अलावा समाज के वरिष्ठ गणों द्वारा श्री बड़ा देव शक्तिपीठ की पूजा अर्चना उपरांत आदिवासी समाज के उन पूर्वजोंको याद किया गया जिन्होने समाज को आगे लाने मेंअपनी मुख्य भूमिका अदा किये।साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर को भी याद किया गया जिन्होंने संविधान में आदिवासी समाज को उनके अधिकारों की जिम्मेदारी दी।कार्यक्रम के माध्यम से सभी वक्ताओं ने आदिवासी समाज मे शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।समाज के सभी आने वाली पीढ़ियों से आव्हान किया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा आगे रहें चाहे कितनी भी परेशानी आये लेकिन हमें अपनी शिक्षा पूरी करनी हैं।किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उनके लोग शिक्षित होंगे।साथ ही युवा पीढ़ी को नशापान से दूर रहने की हिदायत दिया गया।क्योंकि नशापान से समाज के युवावर्ग भटक कर समाज की उत्थान की नींव को खोखला करते जा रहें हैं।

कार्यक्रम में सोशल डिस्टेन्स का पालन करते हुए सभी लोगों ने मास्क पहनकर भाग लिया।हैंड सेनेटाइजर हेतु विशेष प्रबंध किया गया था।

इस अवसर पर श्री उमेंदीराम गंगराले अध्यक्ष जिला गोंडवाना समाज बालोद, कृष्ण कुमार ठाकुर महासचिव ,सी पी ठाकुर संरक्षक ,डोमेन्द्र भेड़िया , बी एल रात्रे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,व डी आर पोर्ते ए एस पी बालोद विशेष रूप से उपस्थित थे।
