स्टील की गुंडी पर जीवन और मौत के बीच खेल रहा था दो साल का मासूम बच्चा, भगवान का दुसरा रूप डाक्टरों ने बचाया आख़िर क्या हैं मामला
दैनिक बालोद न्यूज/घनश्याम साव/डोंगरगांव।विकासखंड डोंगरगांव के समीप ग्राम गुंगेरी नवागांव में एक 2 साल के बच्चे के साथ ऐसा घटना घटा जिसे देख कर रुह काप जाएगा देखने वालों का दरअसल दुष्यंत यादव उम्र 2 साल अपने मां के साथ गुंडी लेकर पानी लेने के लिए समीप के हैंडपंप पर पानी भरने के लिए अपनी मां लिसिका यादव के साथ गई थे, मां एक गुंडी पकड़ी थी वहीं दुसरी गुंडी उक्त बालक ने रखा था उसी दौरान मां आगे बढ़कर हैंडपंप पर पानी भर रही थी और मां का पुरा ध्यान हैंडपंप से पानी भरने में चली गयी इधर उक्त बालक ने खेलते खेलते गुंडी को सिर पर रखकर मस्ती कर रहा था उसी दौरान गंजी की मुंडी बच्चे के सिर पर जा फंसा जब रोना चालू किया तब मां की ध्यान बच्चे की ओर गया फिर दौड़ते भागते बच्चे को घर लेकर गया। घर पर आराम कर रहे पिता सोनू राम यादव को बताया फिर पिता के द्वारा बच्चे के सिर पर फंसी हुई गंजी को निकालने की कोशिश किया गया । बच्चे के जीवन के साथ रिस्क लेते हुए घर पर रखे हुई लोहे काटने वाले आरी ब्लेड से निकालने की कोशिश भी किया गया लेकिन असफल हो गया बच्चे की रोना बंद नहीं हो रहा था।
स्टील की गुंडी से बच्चे के सिर को निकालने के लिए लगभग डेढ़ घंटे मशक्कत किया गया
बच्चे के चिल्लाहट व घबराहट बढ़ने के बाद उसे डेढ़ घंटे के मशक्कत करने के बाद उनके दादा जगत राम यादव के द्वारा विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आया जहां पर डाक्टरों की टीम के द्वारा विशेष मशक्कत करते हुए 10 मिनट में लिक्विड पैराफिन सिर पर लगाकर बच्चे के सिर में फंसा हुआ गुंडी को बाहर निकाला इस डॉक्टर के विशेष टीम में डॉ अशोक बसोड खंड चिकित्सा अधिकारी, सुदेश बंसोड चिकित्सा अधिकारी, मुकेश देवांगन आरएमए एवं भोज कुमार साहू ,ए शेख स्टाफ नर्स,रेनुका टांडेकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे। गुंडी निकालने के बाद वहां पर उपस्थित मरीजों ने डाक्टरों के इस मुहिम के लिए भूरी भूरी प्रशंसा किया। बच्चे के सिर से गुंडे निकलने के बाद बच्चे को सम्पूर्ण इलाज गोली दवाई इंजेक्शन देकर सकुशल घर वापस भेजा गया।
डाक्टर के टीम मशक्कत के बाद निकाला पाया
डाक्टर भगवान का दुसरा रूप कहा जाता है देखें कैसे चरितार्थ साबित हुआ
डाक्टरों को भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है जो आज चरितार्थ प्रत्यक्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में देखने को मिला मशक्कत के बाद विशेष टीम के द्वारा बच्चे के सिर से स्टील की गुंडी को निकाला गया। और बच्चे को सुकुशल घर भेज गया बच्चे का स्थिति पुरी तरह ठीक है।
स्टील की गुंडी बच्चे के सिर से निकलने के बाद अस्पताल से घर सकुशल वापसी