100 क्विंटल धान बेचने की तैयारी कर रहें किसान को 11 क्विंटल धान का मिला टोकन, सदमे में किसान ने किया आत्महत्या

किसान ने काश्तकारी के लिए लिया था कोऑपरेटिव बैंक से 61932 रुपये का कर्ज

सॉफ्टवेयर और गिरदावरी में गड़बड़ी के चलते किसान हैं पशोपेश में

दैनिक बालोद न्यूज़/कोण्डागाँव। जिले के बड़े राजपुर तहसील अंतर्गत मारंगपुरी गांव के 40 वर्षीय किसान धनीराम ने गुरुवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली वह करीब 100 कुंटल धान बेचने की तैयारी में थे लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में जमीन का रकबा एकदम घट जाने से केवल 11 क्विंटल धान बेचने का ही उनका टोकन कटा उन पर को ऑपरेटिव बैंक का 61932 रुपये.कर्ज भी था। ग्रामीण आत्महत्या के पीछे बैंक के कर्ज का दबाव और मात्र 11 क्विंटल धान बेचने के टोकन को मुख्य कारण बता रहे हैं।

दूसरी और कोंडागांव के कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा का दावा है कि

धनीराम अपने बेटे की 4 साल पहले हुई मौत के कारण डिप्रेशन में था वह नशे में रहता था साथ ही कहा कि धान का रकबा घटने जैसी बातों की जांच भी कराई जाएगी इस मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के विपणन अधिकारी ने तकनीकी गड़बड़ी की जांच कराने की बात कही है। सॉफ्टवेयर और गिरदावरी में गड़बड़ी के चलते जमीन का रकबा घट जाने से जिले में और भी कई मामले सामने आ रहे हैं धनीराम की पत्नी सुमित्रा ने बताया कि उनका 6. 70 एकड़ का भूमि स्वामित्व पट्टा है। इस हिसाब से करीब 100 क्विटल धान बेचने की तैयारी थी वह कई जगह से उधारले रखे थे। व्यापारियों के पास भी खाद बीज का कर्ज था जिससे जिससे उनके पति काफी परेशान थे। अपने रिश्तेदार प्रेमलाल नेताम को टोकन कटाने में भेजा था तब पता चला कि 11 क्विंटल धान ही बेच सकेंगे जिसके चलते वह मानसिक तनाव में आ गया,व कर्ज के बोझ से इतना विचलित हो गया कि दूसरे दिन खेत जाने के की बात करते घर से निकल खेत के बगल में ही पेड़ पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली।