स्वयं के शुद्ध विचार ही हमारे भाग्य का निर्णय करते है, ओर हम लोग भाग्य के लिए लगे रहते हैं
दैनिक बालोद न्यूज़/बालोद।सभी को एक मंच से जोड़ने वाला, छोटे-छोटे बच्चों की किलकारियों से आनंदित करने वाला माताओं बहनों के मधुर भजनों एवं रामचरितमानस की चौपाइयां के गायन के मधुर स्वर से परिपूर्ण, सत्संगी भाइयों के भजनों से सुशोभित, संत बालयोगेश्वर राम बालक दास जी के अद्भुत ज्ञान, से हमारे मन हृदय को पवित्र करने वाला पूरे छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु पूरे भारतवर्ष में अपना परचम लहराने वाले ऑनलाइन सत्संग का आयोजन प्रतिदिन सीता रसोई संचालन ग्रुप में प्रातः 10:00 से 11:00 बजे और दोपहर 1:00 से 2:00 बजे किया जाता है।
जिसमें सभी भक्तगण प्रतिदिन जुड़ते हैं, अपनी जिज्ञासाओं को संत श्री के समक्ष रख उनका समाधान प्राप्त करते हैं,और सुंदर ऑनलाइन सत्संग के आयोजन में मधुर मधुर भजनों की प्रस्तुति भी करते हैं, भक्तों के द्वारा प्रतिदिन सुविचारओं का प्रेषण भी किया जाता है ऋचा बहन के द्वारा प्रतिदिन मीठा मोती का प्रेषण ग्रुप में किया जाता है, जिन का भाव विस्तार करते हुए बाबा जी ने बताया कि संपूर्ण ब्रह्मांड का यह नियम है कि स्वयं के शुद्ध विचार ही हमारे भाग्य का निर्णय करते है, ओर हम लोग भाग्य के लिए लगे रहते हैँ,हमारे विचार ही हमारे भाग्य का निर्माण करता है अर्थात जो हमें मिलने वाला है जिसे लोग जानने को आतुर रहते हैं कि मेरे भाग्य में क्या है? भाग्य का मतलब वह नहीं जो पहले से तय हो गया है लेकिन जो आज अच्छा करता है उसे कल की चिंता नहीं होनी चाहिए जो शुभ कर्म करते हैं वह आने वाले कल की चिंता नहीं करते क्योंकि उन्हे विश्वास होता है कि यदि हमारे कर्म अच्छे हैं तो हमारा कल भी अच्छा होगा इसलिए सदैव अपने वर्तमान को अच्छा रखे आपका भविष्य भी अति सुंदर निश्चित ही होगा
इस प्रकार आज का सत्संग बाबा जी के सुंदर भजन
“मीठी मीठी मेरे सांवरे की बंसी लागे के साथ
पूर्ण हुआ।