सीएचसी डोंगरगांव में पानी टैंकर उपलब्ध नही कराने पर एसडीएम ने लगाई नगर पंचायत सीएमओ को फटकार
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव के अधिकारी कर्मचारियों ने काम बंद कर पानी के लिए किया प्रदर्शन
दैनिक बालोद न्यूज/घनश्याम साव/डोंगरगांव।नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन पानी के समास्याओं से जुझ रहे हैं 14 जून को अधिकारी कर्मचारी सामुहिक रूप से हस्ताक्षर अभियान चलाकर अपने अस्पताल में हो रहे पानी के समास्याओं को लेकर अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा था तब सुनील नायक अनुविभागीय अधिकारी ने नगर पंचायत सीएमओ भूपेश सिंह को टेलीफोनिक प्रतिदिन तीन टैंकर पानी उपलब्ध करवाने के लिए कहा था लेकिन नगर पंचायत सीएमओ के निष्क्रियता के चलते अस्पताल में सिर्फ एक टैंकर पानी दोपहर में उपलब्ध करवाया था जो कि शाम होते तक खत्म हो गया उसके बाद रात्रिकालीन में पानी नहीं मिलने से अस्पताल में भर्ती मरीज व मरीजों के परिजनों के द्वारा अस्पताल के अधिकारी कर्मचारियों को पानी के लिए तू तू मैं मैं करने लगे नगर पंचायत सीएमओ को फोन करने पर फोन रिसीव नहीं किया गया साथ पानी भी उपलब्ध नहीं कराया गया रात्रिकालीन जैसे तैसे कंट गया लेकिन सुबह 11 बजे तक पानी नहीं पहुंचने पर अस्पताल के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा आक्रोशित हो कर अस्पताल में आये मरीजों के इलाज को छोड़कर अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन कर दिया जिसके जानकारी एसडीएम तक पहुंचने पर नगर पंचायत सीएमओ को जमकर फटकार लगाया अस्पताल परिसर में तुरंत पानी उपलब्ध करवाने कहा गया तब कहीं जाकर अस्पताल में एक टैंकर पानी उपलब्ध हुआ लेकिन अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा कम से कम दो टैंकर तत्काल मांग किया फिर दुसरा टैंकर पानी उपलब्ध होने के बाद अधिकारी कर्मचारी अपने कार्य स्थल पर पुनः पहुंच कर अस्पताल का कामकाज शुरू किया।
अस्पताल के अधिकारी कर्मचारियों ने बताया कि
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव में लगभग चार माह से अस्पताल में साफ सफाई से लेकर अस्पताल में भर्ती मरीज व मरीज के परिजनों को पीने के पानी से लेकर निस्तारी की प्रतिदिन की आवश्यकता होती है वहीं अस्पताल में पैथोलॉजी लेब, एक्स रे, डेंटल व वार्ड में प्रतिदिन के पानी के बिना काम काज नहीं हो पाता है लेकिन पानी के किल्लत से पुरा अस्पताल हाल बेहाल साफ सफाई नहीं हो पा रहा है और नहीं रैगुलर होने वाले जांच भी बाधित हो रहा है। अस्पताल के व्यवस्था को सही करने के लिए पानी टैंकर के भरोसे न रखकर पूर्णकालिक व्यवस्था करवाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह प्रतिदिन पानी के लिए जुझना न पड़े अधिकारी कर्मचारी अपने काम इस तरह छोड़कर धरना प्रदर्शन नहीं करना चाहते हैं लेकिन हालात ऐसा हो गया कि अस्पताल के व्यवस्था सुधारने व पानी के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है ।