चिटफंड कंपनी एम वे (Aim Way) के माध्यम से 25 लाख रुपए ठगी कर फरार आरोपी को नागपुर से बालोद पुलिस गिरफ्तार किया

बालोद।छग में लगातार चिटफंड कंपनियों के ऊपर शिकंजा कस रहा है छग सरकार उसी कदम मे बालोद जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है मामला थाना बालोद अंतर्गत एम वे (AIM-WAY) कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड कंपनी शाखा बालोद में एजेन्ट के माध्यम से सन 2013 में 2.50,000 सपये एवं सन 2014 में 2,50,000 रूपये प्रार्थीया राजकुमारी निवासी दल्लीराजहरा द्वारा अपने एस बी आई, खाने से रिटायरमेंट का पैसे निकालकर बालोद स्थित एमवे (AIM-WAY) कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड कानो में पैसा जमा किया था। प्रार्थीया के पति के मृत्यु दिनांक 01.03.2017 को हो गई। परिपक्वता की तिथि पूर्ण होने पर भाटिया कॉम्पलेक्स राजनांदगांव रोड बालोद स्थित उक्त कंपनी द्वारा पैसा वापस नहीं किया गया और ऑफिस बंद कर फरार हो गए.। प्रार्थीया एम वे [AIM-WAY) कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड कंपनी का मुख्य कार्यालय लक्ष्मी नगर नागपुर (महाराष्ट्र) जाकर पता की तो कंपनी का ऑफिस बंद हो चुका था तथा संचालकों का करार हो जान पता चला । उक संबंध में संचालकों के विरूद्ध बाना बालोद में अपराध क्रमांक 216/2018 धारा 420, भा द वी एवं 3, 4, 5 इनामी चिटफण्ड एवं धन परिचालन स्कीग (पावदी) अधिनियम 1978 तथा छ.ग. निवेशकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 कायम कर विवेचना में किया गया। कंपनी की स्थापना निर्माण कार्य बिल्डिंग बनाने इत्यादि के लिये किया गया था। परन्तु कंपनी के डायरेक्टर द्वारा 02 वर्ष, 03 वर्ष, 05 वर्ष, 07 वर्ष, 09 व्य, 11 वर्ष का इंश्योरेंस प्लान बनाकर निवेशकों में ठगा की गई है।

एम वे चिटफंड कंपनी द्वारा जिला बालोद वो लगभग 150 निवेशकों से 25 लाख रूपये से अधिक ठगी की गई है

इस कंपनी में 04 मुख्य डायरेक्टर है डापरेक्टर सुनीता सिंह और मनोज अग्निहोत्री के 1000-1000 शेयर है तथा डायरेक्टर धर्मेंद्र सिंह और रवि काबले के 22500-22500 शेयर है। पूर्व में डायरेक्टर सुनीता सिंह मनोज अग्निहोत्री और रवि कांबले की रफ्तारी हो चुकी है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन में


अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर. पोर्ते के गार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा के पर्यवेक्षण में विशेष टीग गांठित कर प्रकरण के आरोपी के पतासाजी हेतु नागपुर (महाराष्ट्र रवाना किया गया था। जिसमें प्रकरण के अरोपी धर्मेन्द्र सिंह उर्फ धनजय को नागपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।