क्रेडिट कार्ड बैंक कर्मचारी रखकर सरकारी शिक्षक से साढ़े नौ लाख रूपये की धोखाघड़ी
सरकारी शिक्षक ने स्टेट बैंक के क्रेडिट कार्ड प्रदाता पर लगाया आरोप
दैनिक बालोद न्यूज/घनश्याम साव/डोंगरगांव।स्थानीय भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में बैठकर बैंक के खाताधारकों को क्रेडिट कार्ड देने फिर उनको झांसे में लेकर क्रेडिट कार्ड लेकर खाते से लगभग साढ़े नौ लाख रूपये पार करने का मामला सामने आया है। इस मामले में बैंक के खातेदार एक सरकारी शिक्षक ने पुलिस में एसबीआई के क्रेडिट कार्ड प्रदाता सुरेन्द्र साहू के विरूद्ध नामजद शिकायत की है। इस तरह धोखाघड़ी का मामला सामने आने के बाद अनेक लोगों के साथ इसी तरह का फ्राड होने का मामला भी सामने आ सकता है।
पुलिस में पीडि़त शिक्षक पोतराम खरे, ग्राम गुंडरदेही (खुज्जी) ने लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है कि वह प्राथमिक शाला रतनभाठ में प्रधानपाठक के पद पर कार्यरत है तथा वह आगामी सितंबर 2023 में रिटायर होने वाला है। उसका भारतीय स्टेट बैंक की डोंगरगांव शाखा में बचत खाता क्र.10688587987 संचालित है। आज से लगभग दो वर्ष पूर्व उसको एसबीआई डोंगरगांव की शाखा से क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए मोबाईल नंबर 6260822431 से किसी सुरेन्द्र साहू का कॉल आया। जिसमें उन्होनें क्रेडिट कार्ड बनवाने तथा क्रेडिट कार्ड के फायदे के बारे में बताया। मेरे द्वारा मना करने के बाद भी उसका निरंतर कॉल आता रहा। उसने अपने आपको एसबीआई डोंगरगाँव से बोल रहा हूं, यह बोलकर मेरे ऊपर दबाव डाला और कहा कि आपको क्रेडिट कार्ड बनवाना ही चाहिए।
इसके बाद आरोपी ने मुझे एसबीआई की डोंगरगांव शाखा, जहां मेरा सैलरी एकाउंट है, मुझे आधार कार्ड और पासबुक लेकर आने कहा
तथा मेरे पहुंचने पर क्रेडिट कार्ड के लिए उसके द्वारा भरा गया और फिर मुझ पर दबाव डालकर दस्तावेज में मेरे हस्ताक्षर ले लिया। इसके एक माह बाद मेरे घर के पते पर क्रेडिट कार्ड आया। क्रेडिट कार्ड मिलने के लगभग एक माह बाद सुरेन्द्र साहू द्वारा मुझसे पुन: संपर्क किया गया और कहा गया कि आपके क्रेडिट कार्ड से पैसे कट रहे हैं क्या? तो जानकारी के अभाव में मेरे द्वारा कहा गया कि हां कट रहा है, परन्तु उस समय तक मेरे द्वारा न तो क्रेडिट कार्ड के लिफाफे को खोला गया था और न ही देखा गया था। तब उसके द्वारा कहा गया कि अनावश्यक आपका पैसा कट रहा है, मैं आपके घर आकर क्रेडिट कार्ड को बंदकर दूंगा। बोलने 2 दिन के बाद वह मेरे घर आया, लेकिन मैं उस समय अपने स्कूल में था। तो घरवालों से मेरे स्कूल का पता लेकर वह वहां पहुंच गया और क्रेडिट कार्ड को बंद करने के लिए मुझसे रजिस्टर्ड मोबाईल और क्रेडिट कार्ड की मांग की।
इस पर शिक्षक ने कहा कि क्रेडिट कार्ड तो घर पर है, तब उसने कहा कि क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाईल दोनों का होना आवश्यक है। उसने मुझे अगले दिन क्रेडिट कार्ड स्कूल में लाकर रखने को कहा। जिसके बाद मैं अगले दिन क्रेडिट कार्ड लेकर स्कूल आया, इसके बाद सुरेन्द्र साहू ने उसे फिर कॉल किया और पूछा कि क्रेडिट कार्ड ले आए हैं क्या? मेरे द्वारा हां कहने पर वह अगले दिन मेरे स्कूल आया और मेरा क्रेडिट कार्ड मुझसे ले लिया। उसने मुझसे मेरा मोबाईल भी मांगा और आधे घण्टे बाद मोबाईल लौटाया।
फिर उसने कहा कि क्रेडिट कार्ड बंद नहीं हो रहा है, मैं इसे अपने साथ लेकर जा रहा हूं, 2 – 4 दिन में बंद करवा दूंगा। मैंने उसे एसबीआई का कर्मचारी समझकर उस पर विश्वास किया और क्रेडिट कार्ड दे दिया। इसके बाद गत 29 जून 2023 को एटीएम से पैसा विड्राल करने पर मुझे पता चला कि मेरे एकाउंट में पैसा कम होने के कारण पैसा नहीं निकल पा रहा है। जिसके बाद मैं 30 जून को एसबीआई शाखा जाकर अपने खाते का स्टेटमेंट निकाला तो पता चला कि मेरे एकाउंट से क्रेडिट कार्ड मे हर महीने लगभग 1 लाख से अधिक रुपये ट्रांसफर हो रहा है। बैंक में मेरा पैसा कहां कहां ट्रांसफर हुआ है, पूछने पर बताया गया कि इसकी जानकारी एसबीआई क्रेडिट कार्ड के मुख्य आफिस, जो कि नेहरु नगर भिलाई में है वहां से मिलेगा।
एसबीआई शाखा डोंगरगांव में सुरेन्द्र साहू के बारे में पूछने पर बैंक में कहा गया कि हमें उसकी कोई जानकारी नहीं है, क्रेडिट कार्ड का सारा मैनेजमेंट नेहरु नगर भिलाई के ऑफिस से होता है। जिसके बाद मैं नेहरु नगर भिलाई स्थित क्रेडिट कार्ड के हेड ऑफिस में 30 जून को दोपहर 2 बजे पहुंचा, तो वहां बताया गया कि मेरे क्रेडिट कार्ड से विभिन्न पेट्रोल पंपों में कार्ड का उपयोग कर पैसे अंतरित किए गए है। जिसमें इन्द्रप्रस्थ पेट्रोलियम राजनांदगांव में 27.06.2022 से 20.07.2022 के मध्य 2 लाख 2 हजार 360 रू., दिनांक 29.08.2022 से 30.01.2023 के मध्य चोपड़ा फ्यूल्स राजनांदगांव में 5 लाख 5 हजार 900 रू., दिनांक 01.03.2023 से 29.06.2023 के मध्य कुसुम फ्यूल्स भिलाई में 2 लाख 47 हजार 360 रु. निकाले गय हैं। इस तरह से मेरे खाते से 9,55,620 रु. की राशि मुझसे धोखाधड़ी करके अंतरित की गई है तथा आज की स्थिति में मेरे खाते में मात्र 117 रु. शेष
है ।
प्रार्थी शिक्षक पोतराम खरे ने आवेदन में गुहार लगाया है कि आगागी सिंतबर माह में उसका रिटायरमेंट है। वर्तमान में उसकी उम्र 62 वर्ष की है, वह हाई बीपी का पेसेंट हैं, इस स्थिति में उसे कुछ भी होता है तो इसकी पूरी जवाबदारी भारतीय स्टेट बैंक डोंगरगांव एवं क्रेडिट कार्ड शाखा नेहरु नगर भिलाई के शाखा प्रबंधकों की होगी। उन्होनें अपने साथ हुए फ्राड की उच्चस्तरीय जांच कर स्वयं को न्याय दिलाने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 के तहत् मामला दर्ज कर जांच में लिया है। इस संबंध में आरोपी सुरेन्द्र साहू के मोबाईल नंबर पर कॉल करने से उसका मोबाईल बंद बता रहा है, वहीं भारतीय स्टेट बैंक डोंगरगांव के शाखा प्रमुख का बयान भी नहीं मिल पाया है।