विधायक के नाम पर डीजल घोटाला करने वाले अधिकारी कर्मचारी गणतंत्र दिवस पर सम्मानित

भ्रष्टाचार के आरोपों से कटघरे में घिरे अधिकारी कर्मचारी को सम्मान

दैनिक बालोद न्यूज/घनश्याम साव/राजनांदगांव।जिला प्रशासन के द्वारा देश के सबसे बड़े लोकपर्व 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर अच्छे कार्यों करने वाले अधिकारी कर्मचारी सहित अनेक लोगों को सम्मानित जिला प्रशासन के द्वारा प्रभारी मंत्री के हाथों सम्मानित किया जाता है ताकि अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारी अधिकारी के मनोबल बढ़ रहा है और उनसे प्रेरित लेकर बाकी लोग भी अच्छे कार्य कर सके लेकिन इस बार जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ऐसे दो अधिकारी कर्मचारी को सम्मानित किया गया है जिसके ऊपर विधायक दलेश्वर साहू के नाम पर फर्जी बिल लगाकर डीज़ल घोटाला करने सहित अनेकों आरोप लगा है सुचना के अधिकार के तहत निकाले गए दस्तावेजों के आधार पर उच्च स्तरीय शिकायत किया गया है जिसका जांच अभी तक चल रहा है जिसका निष्कर्ष नहीं निकाला पाया है वही विधायक दलेश्वर साहू के नाम पर फर्जी बिल मिलने पर विधायक का खुब किरकिरी का सामना करना पड़ा था जिसके कारण डां रागिनी चंद्रे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव से प्रभार बदल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छूरिया का बीएमओ बनाया गया है वहीं राकेश कुर्रे खंड कार्यक्रम प्रबंधक को कोरोना काल में अनेकों भ्रष्टाचार के आरोप स्वास्थ्य संघ लगाते हुए शिकायत उच्च स्तर पर किया गया है वहीं राकेश कुर्रे बीपीएम के द्वारा अपने अस्पताल के कर्मचारी के साथ मारपीट करने के आरोप लगने पर मामले के जांच होने के बाद दोषी पाए जाने पर सिविल अधिनियम के तहत अंतिम अवसर प्रदान करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा चेतावनी पत्र दिया गया था ।

लेकिन इधर जिला प्रशासन अपने आंखों में पट्टी बांध कर उन्हीं दो आरोप से घिरे डां रागिनी चंद्रे खंड चिकित्सा अधिकारी छूरिया व राकेश कुर्रे बीपीएम डोंगरगांव को अच्छे कार्यक्रम प्रबंधन के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है इससे जाहिर होता है कि प्रशासन के द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे व्यक्तियो को बचाने के लिए या मामला को दबाने के उद्देश्य से सम्मानित किया जा रहा है ऐसा प्रतित हो रहा है कहीं न कहीं जिला प्रशासन के द्वारा इस तरह के सम्मान देना कटघरे में खड़े कर रहा है मामला का लिपापोती करके दबाने का तो नहीं है।